पीरियड्स में पेट दर्द कम करने के उपाय

पीरियड्स में दर्द का घरेलु इलाज: आप सभी ये बात तो जानते ही होंगे की पीरियड्स जिसे दुसरे शब्दों में मासिक धर्म कहा जाता है, यह महिलाओं में हर माह होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया होती है। जिसमें महिलाओं को 4 दिन से 5 दिनों तक होने वाली इस प्रक्रिया में काफी दर्द और तकलीफ सहनी पड़ती है। पीरियड्स के समय सब महिलाओ में अलग अलग पर्तिकिर्य होती है, ज्यादातर महिलाओं को इन दिनों में तेज पेट दर्द और हाथ पैरो के दर्द की परेशानी रहती है। कुछ महिलाओ को मासिक धर्म यानि पीरियड्स के समय बहुत बैचैनी रहती है, दर्शल पीरियड्स के दोरान महिलाओं के शरीर इस वक्त में होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण इस तरह की समस्याओं होती है। पीरियड्स के समय में होने वाले पेट दर्द व तकलीफ से बचने के लिए महिलाओं को कुछ घरेलु नुस्खों का सहारा लेना चाहिए। आपको बता दें की हरी पत्तेदार प्याज़ और शहद के इस्तेमाल से पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद मिलती है।

मासिक धर्म के दर्द का घरेलू उपचार

मासिक धर्म में पेट दर्द जैसे समस्याओं का उपचार आप घर में ही कर सकते हैं, जैसे हरे पत्तेदार प्याज का प्रयोग तो सभी लोग आने घरों में सलाद के तौर पर करते है, आपको ये बात शायद ही मालूम होगी की हरे पत्तेदार प्याज में विटामिन K बहुत अधिक मात्रा में होता है। विटामिन K हमारी रक्त को क्लोट करने में मदद करता है, इसलिए मासिक धर्म यानि पीरियड्स के समय रक्त स्राव को कम करने में विटामिन K काफी मददगार साबित होता है। इसमें दर्द को कम करने के गुण भी पाए जाते हैं। इसलिए पीरियड के दौरान होने वाले दर्द से राहत दिलाने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही शहद में भी रक्तचाप को नियंत्रित करने के गुण भी पाया जाता है। इसी वजह से शहद को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द के प्राकृतिक उपचार के लिए जाना जाता है।

हरे पत्तेदार प्याज और शहद की मदद से पीरियड्स के पेट दर्द के इलाज के लिए घर में नुस्खा तैयार किया जा सकता है। यह नुस्खा काफी उपयोगी और सुरक्षित नुस्खा होता है। यह शरीर में ब्लड प्रेशर को तेज कर गर्भाशय की मांसपेशियों को काफी राहत देता है। इस नुस्खे को तैयार करने के लिए हरी प्याज के पत्ते वाले हिस्से वाले काट कर अलग कर लें और साथ ही सफेद वाले हिस्से का जूस निकाल लें। प्याज के एक चम्मच जूस में एक चम्मच शहद मिला दें और पीरियड्स के दिनों में इस मिश्रण का सेवन गुनगुने पानी के साथ दिन में तीन-चार लें। इस तरीके से पेट दर्द से राहत मिलेगी।

पीरियड के दौरान शारीरिक बदलाव

पीरियड के दौरान महिलाओं  में अनेक पारकर के बदलाव होते हैं, जिस वजह से महिलाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जैसे

1) पीरियड के दौरान सिर दर्द का होना आम बात है, यह समस्या हारमोंस के चंजेस के कारण पैदा होती है,
2) कमर दर्द का होना
3) ऐसा देखा गया है महिलाओं को पीरियड के दौरान नींद अधिक आती है,
4) ये आम बात है की महिलाओं को पीरियड के समय पेट के नीचले  भाग में दर्द होता है, यह दर्द पीरियड के दौरान महिलाओं के गर्भ का अंदरूनी भाग खुलने यानि फैलने लगता है जिस से ब्लड बहर की तरफ आता है,
5) कई बार ऐसा भी देखा गया है की शरीर में किसी खास जगह सूजन भी आ जाती है,  ये सब हारमोंस के चंजेस के कारण होता है,

पीरियड्स में क्लोटिंग होना

यह समय हर महिला की जिंदगी में आता है और हर महीने आता है। महावारी का समय महिलाओं के लिए काफी कष्टदाई होता है। तो आज हम आपको बताएंगे कि पीरियड्स के दौरान क्लोट का बनना क्या संकेत देता है,क्या यह वाकई हार्मफुल है। आइए जानते हैं। जब भी पीरियड शुरू होने वाला होता हैं तो इससे पहले शरीर में एंटीकागलेंट्स का स्त्राव होता है। इससे पीरियड्स के दौरान निकलने वाला खून गाढ़ा हो जाता है। और यही खून क्लोटिंग में काम आता है। पीरियड्स के दौरान जब महिलाओं का खून निकलता है ऐसे में यह खून क्लॉटिंग से बंद होता है इसलिए क्लॉटिंग खून बंद करने में मदद करती है।

ज्यादा खून बहने से महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है इसलिए क्लॉटिंग महिलाओं के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन खून निकलने का कारण अगर कुछ और है जैसा एक गवर्भपात या कुछ और तो ज्यादा खून निकलना उनके लिए समस्या हो सकता है।ऐसे में मैं तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। 70 प्रतिशत महिलाएं फिब्रोइड की समस्य से ग्रसित रहती है।

तो आपको बिल्कुल घबराने की जरुरत नहीं है। पीरियड्स में क्लोटिंग एक आम समस्या है। लेकिन ज्यादा खून बहने से अगर आपको कमजोरी लगती है तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना है क्योंकि यह एनीमिया के लक्षण भी हो सकते हैं तो पूरी तरह अपनी इस हेल्थ का ध्यान रखें।

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